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सुनन नसाई

नंबर 119

नंबर 119किताब 1, नंबर 119
أَخْبَرَنَا الْعَبَّاسُ بْنُ عَبْدِ الْعَظِيمِ، قَالَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ، قَالَ حَدَّثَنَا حَرْبُ بْنُ شَدَّادٍ، عَنْ يَحْيَى بْنِ أَبِي كَثِيرٍ، عَنْ أَبِي سَلَمَةَ، عَنْ جَعْفَرِ بْنِ عَمْرِو بْنِ أُمَيَّةَ الضَّمْرِيِّ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّهُ رَأَى رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم تَوَضَّأَ وَمَسَحَ عَلَى الْخُفَّيْنِ ‏.‏
It was narrated from Ja'far bin 'Amr bin Umayyah Ad-Damri that his father saw the Messenger of Allah (ﷺ) performing Wudu' and wiping over his Khuffs
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAbu Ghuddah
  • SahihAl-Albani
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 1 · The Book of Purification

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।