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सहीह मुस्लिम

नंबर 4781

नंबर 4781
وَحَدَّثَنِي يَحْيَى بْنُ حَبِيبٍ الْحَارِثِيُّ، حَدَّثَنَا خَالِدٌ، - يَعْنِي ابْنَ الْحَارِثِ - حَدَّثَنَا شُعْبَةُ بْنُ الْحَجَّاجِ، عَنْ قَتَادَةَ، قَالَ سَمِعْتُ أَنَسًا، يُحَدِّثُ عَنْ أُسَيْدِ بْنِ حُضَيْرٍ، أَنَّ رَجُلاً، مِنَ الأَنْصَارِ خَلاَ بِرَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِمِثْلِهِ ‏.‏ وَحَدَّثَنِيهِ عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُعَاذٍ، حَدَّثَنَا أَبِي، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، بِهَذَا الإِسْنَادِ وَلَمْ يَقُلْ خَلاَ بِرَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
This tradition has been narrated on the same authority through a different chain of transmitters. Another version of the tradition narrated on the authority of Shu'ba does not include the words:" He took the Messenger of Allah (ﷺ) aside

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किसी किताब में नहीं रखी गईं

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।