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सहीह मुस्लिम

नंबर 2081

नंबर 2081किताब 9, नंबर 12अरबी नंबरिंग 897.04
وَحَدَّثَنَاهُ أَبُو كُرَيْبٍ، حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ، عَنْ سُلَيْمَانَ بْنِ الْمُغِيرَةِ، عَنْ ثَابِتٍ، عَنْ أَنَسٍ، بِنَحْوِهِ وَزَادَ فَأَلَّفَ اللَّهُ بَيْنَ السَّحَابِ وَمَكَثْنَا حَتَّى رَأَيْتُ الرَّجُلَ الشَّدِيدَ تُهِمُّهُ نَفْسُهُ أَنْ يَأْتِيَ أَهْلَهُ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of Anas but with this addition:" Allah gathered the clouds and as we (were obliged) to stay back I saw that even the strong man, impelled by a desire to go to his family, (could not do so)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book of Prayer - Rain

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।