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सहीह मुस्लिम

नंबर 2074

नंबर 2074किताब 9, नंबर 5अरबी नंबरिंग 895.01
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ أَبِي بُكَيْرٍ، عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ ثَابِتٍ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ رَأَيْتُ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَرْفَعُ يَدَيْهِ فِي الدُّعَاءِ حَتَّى يُرَى بَيَاضُ إِبْطَيْهِ ‏.‏
Anas reported:I saw the Messenger of Allah (ﷺ) raising his hands (high enough) in supplication (for rain) that the whiteness of his armpits became visible

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book of Prayer - Rain

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।