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सहीह मुस्लिम

नंबर 2072

नंबर 2072किताब 9, नंबर 3अरबी नंबरिंग 894.03
وَحَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، أَخْبَرَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ بِلاَلٍ، عَنْ يَحْيَى بْنِ سَعِيدٍ، قَالَ أَخْبَرَنِي أَبُو بَكْرِ بْنُ مُحَمَّدِ بْنِ عَمْرٍو، أَنَّ عَبَّادَ بْنَ تَمِيمٍ، أَخْبَرَهُ أَنَّ عَبْدَ اللَّهِ بْنَ زَيْدٍ الأَنْصَارِيَّ أَخْبَرَهُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم خَرَجَ إِلَى الْمُصَلَّى يَسْتَسْقِي وَأَنَّهُ لَمَّا أَرَادَ أَنْ يَدْعُوَ اسْتَقْبَلَ الْقِبْلَةَ وَحَوَّلَ رِدَاءَهُ ‏.‏
Abdullah b. Zaid al-Ansari reported that the Messenger of Allah (ﷺ) went out to the place of prayer in order to offer prayer for rainfall. And when he intended to make supplication he faced Qibla and turned round his mantle

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 9 · The Book of Prayer - Rain

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।