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सहीह मुस्लिम

नंबर 2067

नंबर 2067किताब 8, नंबर 22अरबी नंबरिंग 892.07
وَحَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، أَخْبَرَنَا يَحْيَى بْنُ زَكَرِيَّاءَ بْنِ أَبِي زَائِدَةَ، ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ، نُمَيْرٍ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بِشْرٍ، كِلاَهُمَا عَنْ هِشَامٍ، بِهَذَا الإِسْنَادِ وَلَمْ يَذْكُرَا فِي الْمَسْجِدِ ‏.‏
This hadith has been narrated by Hisham with the same chain of transmitters but (the narrators) did not make mention of the mosque

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · The Book of Prayer - Two Eids

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।