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सहीह मुस्लिम

नंबर 2055

नंबर 2055किताब 8, नंबर 11अरबी नंबरिंग 890.02
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، أَخْبَرَنَا أَبُو خَيْثَمَةَ، عَنْ عَاصِمٍ الأَحْوَلِ، عَنْ حَفْصَةَ بِنْتِ، سِيرِينَ عَنْ أُمِّ عَطِيَّةَ، قَالَتْ كُنَّا نُؤْمَرُ بِالْخُرُوجِ فِي الْعِيدَيْنِ وَالْمُخَبَّأَةُ وَالْبِكْرُ قَالَتِ الْحُيَّضُ يَخْرُجْنَ فَيَكُنَّ خَلْفَ النَّاسِ يُكَبِّرْنَ مَعَ النَّاسِ ‏.‏
Umm Atiyya reported:We were commanded to go out as well as the hidden away ladies and those unmarried. She said menstruating women were to come out amongst you, but remain behind people and pronounce takbir (Allah-o-Akbar) along with them

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · The Book of Prayer - Two Eids

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।