सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 2051

नंबर 2051किताब 8, नंबर 7अरबी नंबरिंग 887
وَحَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، وَحَسَنُ بْنُ الرَّبِيعِ، وَقُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، وَأَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ قَالَ يَحْيَى أَخْبَرَنَا وَقَالَ الآخَرُونَ، حَدَّثَنَا أَبُو الأَحْوَصِ، عَنْ سِمَاكٍ، عَنْ جَابِرِ بْنِ، سَمُرَةَ قَالَ صَلَّيْتُ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم الْعِيدَيْنِ غَيْرَ مَرَّةٍ وَلاَ مَرَّتَيْنِ بِغَيْرِ أَذَانٍ وَلاَ إِقَامَةٍ ‏.‏
Jabir b. Samura said:I prayed with the Messenger of Allah (ﷺ) prayers on two I'ds wore than once or twice without there being Adhan and Iqama

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 8 · The Book of Prayer - Two Eids

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।