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सहीह मुस्लिम

नंबर 2048

नंबर 2048किताब 8, नंबर 4अरबी नंबरिंग 885.02
وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا أَبِي، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْمَلِكِ بْنُ أَبِي سُلَيْمَانَ، عَنْ عَطَاءٍ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ شَهِدْتُ مَعَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم الصَّلاَةَ يَوْمَ الْعِيدِ فَبَدَأَ بِالصَّلاَةِ قَبْلَ الْخُطْبَةِ بِغَيْرِ أَذَانٍ وَلاَ إِقَامَةٍ ثُمَّ قَامَ مُتَوَكِّئًا عَلَى بِلاَلٍ فَأَمَرَ بِتَقْوَى اللَّهِ وَحَثَّ عَلَى طَاعَتِهِ وَوَعَظَ النَّاسَ وَذَكَّرَهُمْ ثُمَّ مَضَى حَتَّى أَتَى النِّسَاءَ فَوَعَظَهُنَّ وَذَكَّرَهُنَّ فَقَالَ تَصَدَّقْنَ فَإِنَّ أَكْثَرَكُنَّ حَطَبُ جَهَنَّمَ فَقَامَتْ امْرَأَةٌ مِنْ سِطَةِ النِّسَاءِ سَفْعَاءُ الْخَدَّيْنِ فَقَالَتْ لِمَ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ لِأَنَّكُنَّ تُكْثِرْنَ الشَّكَاةَ وَتَكْفُرْنَ الْعَشِيرَ قَالَ فَجَعَلْنَ يَتَصَدَّقْنَ مِنْ حُلِيِّهِنَّ يُلْقِينَ فِي ثَوْبِ بِلَالٍ مِنْ أَقْرِطَتِهِنَّ وَخَوَاتِمِهِنَّ
जाबिर बिन अब्दुल्लाह (रज़ियल्लाहु अनहुमा) से रिवायत है, वह कहते हैं: मैं ईद के दिन अल्लाह के रसूल (सल्लल्लाहु अलैहि व सल्लम) के साथ नमाज़ में शरीक रहा। आपने ख़ुतबे (प्रवचन) से पहले बिना अज़ान तथा इक़ामत के नमाज़ पढ़ी। फिर बिलाल (रज़ियल्लाहु अनहु) का सहारा लेकर खड़े हुए और तक़वा का आदेश दिया, अल्लाह के अनुसरण की प्रेरणा दी, लोगों को उपदेश दिए और स्मरण कराया। फिर आगे बढ़े और महिलाओं के पास आए तथा उन्हें उपदेश दिए, स्मरण कराया तथा फ़रमाया: सदक़ा किया करो, क्योंकि तुममें से अधिकतर जहन्नम का ईंधन बनेंगी। यह सुनकर महिलाओं के बीच से एक स्त्री, जिसके गालों में धब्बे पड़े थे, खड़ी हुई और कहने लगी: ऐ अल्लाह के रसूल! ऐसा क्यों है? आपने फ़रमाया: क्योंकि तुम शिकवा- शिकायत अधिक करती हो तथा पति की नाशुक्री (कृतघ्न) करती हो। वह कहते हैं कि इसपर वे अपने गहने दान करने लगीं। वे बिलाल (रज़ियल्लाहु अनहु) के कपड़े में अपनी बालियाँ और अंगूठियाँ डाले जा रही थीं।

तर्जुमा: HadeethEnc.comइसकी तशरीह

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

जहाँ तर्जुमा शुदा नबवी हदीसों के इनसाइक्लोपीडिया (HadeethEnc.com) में किसी रिवायत का हूबहू टेक्स्ट मौजूद है, वहाँ उसका तर्जुमा उसी रिवायत के नीचे स्रोत के नाम के साथ दिखाया गया है। दोनों को प्रोग्राम के ज़रिए, सिर्फ़ अरबी टेक्स्ट की बुनियाद पर जोड़ा गया है: इनसाइक्लोपीडिया की हदीस का पूरा टेक्स्ट, उसमें दर्ज सहाबी के नाम समेत, रिवायत का आख़िरी हिस्सा है, हर्फ़-ब-हर्फ़। इस जोड़ को किसी ने नहीं जाँचा है, और सबील के जायज़ाकारों ने तर्जुमे की जाँच नहीं की है। असल टेक्स्ट अरबी है।

किताब 8 · The Book of Prayer - Two Eids

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।