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सहीह मुस्लिम

नंबर 2020

नंबर 2020किताब 7, नंबर 70अरबी नंबरिंग 875.03
وَحَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، وَإِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، قَالَ قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا وَقَالَ، إِسْحَاقُ أَخْبَرَنَا سُفْيَانُ، عَنْ عَمْرٍو، سَمِعَ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ، يَقُولُ دَخَلَ رَجُلٌ الْمَسْجِدَ وَرَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم يَخْطُبُ يَوْمَ الْجُمُعَةِ فَقَالَ ‏"‏ أَصَلَّيْتَ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ لاَ ‏.‏ قَالَ ‏"‏ قُمْ فَصَلِّ الرَّكْعَتَيْنِ ‏"‏ ‏.‏ وَفِي رِوَايَةِ قُتَيْبَةَ قَالَ ‏"‏ صَلِّ رَكْعَتَيْنِ ‏"‏ ‏.‏
Jabir b. 'Abdullah said that a person entered the Mosque while the Messenger of Allah (ﷺ) was delivering the sermon on Friday. Upon this he (the Holy Prophet) said:Have you observed prayer? He said: No. He (the Holy Prophet) said: Stand and offer the two rak'ahs. According to Qutaiba, the words are:" He said: Offer two rak'ahs

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · The Book of Prayer - Friday

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।