सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 2011

नंबर 2011किताब 7, नंबर 61अरबी नंबरिंग 871
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، وَأَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ وَإِسْحَاقُ الْحَنْظَلِيُّ جَمِيعًا عَنِ ابْنِ عُيَيْنَةَ، - قَالَ قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، - عَنْ عَمْرٍو، سَمِعَ عَطَاءً، يُخْبِرُ عَنْ صَفْوَانَ بْنِ، يَعْلَى عَنْ أَبِيهِ، أَنَّهُ سَمِعَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم يَقْرَأُ عَلَى الْمِنْبَرِ ‏{‏ وَنَادَوْا يَا مَالِكُ‏}‏
Safwan b. Ya'la reported on the authority of his father that he heard the Messenger of Allah (ﷺ) reciting (verses of the Qur'an) on the pulpit. and" They cried:0 Malik

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · The Book of Prayer - Friday

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।