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सहीह मुस्लिम

नंबर 1965

नंबर 1965किताब 7, नंबर 15अरबी नंबरिंग 851.01
وَحَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، وَمُحَمَّدُ بْنُ رُمْحِ بْنِ الْمُهَاجِرِ، قَالَ ابْنُ رُمْحٍ أَخْبَرَنَا اللَّيْثُ، عَنْ عُقَيْلٍ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، أَخْبَرَنِي سَعِيدُ بْنُ الْمُسَيَّبِ، أَنَّ أَبَا هُرَيْرَةَ، أَخْبَرَهُ أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِذَا قُلْتَ لِصَاحِبِكَ أَنْصِتْ ‏.‏ يَوْمَ الْجُمُعَةِ وَالإِمَامُ يَخْطُبُ فَقَدْ لَغَوْتَ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:If you (even) ask your companion to be quiet on Friday while the Imam is delivering the sermon, you have in fact talked irrelevance

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 7 · The Book of Prayer - Friday

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।