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सहीह मुस्लिम

नंबर 1926

नंबर 1926किताब 6, नंबर 354अरबी नंबरिंग 829
وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ، نُمَيْرٍ حَدَّثَنَا أَبِي وَابْنُ، بِشْرٍ قَالُوا جَمِيعًا حَدَّثَنَا هِشَامٌ، عَنْ أَبِيهِ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ إِذَا بَدَا حَاجِبُ الشَّمْسِ فَأَخِّرُوا الصَّلاَةَ حَتَّى تَبْرُزَ وَإِذَا غَابَ حَاجِبُ الشَّمْسِ فَأَخِّرُوا الصَّلاَةَ حَتَّى تَغِيبَ ‏"‏ ‏.‏
Ibn 'Umar reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:When the rim of the sun starts appearing defer prayer till it completely appears, and when the rim of the sun disappears defer prayer till it completely disappears

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।