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सहीह मुस्लिम

नंबर 1905

नंबर 1905किताब 6, नंबर 333अरबी नंबरिंग 820.02
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بِشْرٍ، حَدَّثَنِي إِسْمَاعِيلُ بْنُ أَبِي، خَالِدٍ حَدَّثَنِي عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عِيسَى، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي لَيْلَى، أَخْبَرَنِي أُبَىُّ بْنُ كَعْبٍ، أَنَّهُ كَانَ جَالِسًا فِي الْمَسْجِدِ إِذْ دَخَلَ رَجُلٌ فَصَلَّى فَقَرَأَ قِرَاءَةً وَاقْتَصَّ الْحَدِيثَ بِمِثْلِ حَدِيثِ ابْنِ نُمَيْرٍ ‏.‏
Ubayy b. Ka'b reported that he was sitting in a mosque that a person entered it and he observed prayer, and made recitation, the rest of the hadith is the same

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।