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सहीह मुस्लिम

नंबर 1893

नंबर 1893किताब 6, नंबर 321अरबी नंबरिंग 814.03
وَحَدَّثَنَاهُ أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، ح وَحَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ رَافِعٍ، حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ، كِلاَهُمَا عَنْ إِسْمَاعِيلَ، بِهَذَا الإِسْنَادِ مِثْلَهُ ‏.‏ وَفِي رِوَايَةِ أَبِي أُسَامَةَ عَنْ عُقْبَةَ، بْنِ عَامِرٍ الْجُهَنِيِّ وَكَانَ مِنْ رُفَعَاءِ أَصْحَابِ مُحَمَّدٍ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
This hadith has been narrated through another chain of transmitters directly from the Companions of Muhammad (ﷺ)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।