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सहीह मुस्लिम

नंबर 1891

नंबर 1891किताब 6, नंबर 319अरबी नंबरिंग 814.01
وَحَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا جَرِيرٌ، عَنْ بَيَانٍ، عَنْ قَيْسِ بْنِ أَبِي حَازِمٍ، عَنْ عُقْبَةَ بْنِ عَامِرٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ أَلَمْ تَرَ آيَاتٍ أُنْزِلَتِ اللَّيْلَةَ لَمْ يُرَ مِثْلُهُنَّ قَطُّ ‏{‏ قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ الْفَلَقِ‏}‏ وَ ‏{‏ قُلْ أَعُوذُ بِرَبِّ النَّاسِ‏}‏ ‏"‏ ‏.‏
Uqba b. 'Amir reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:What wonderful verses have been sent down today. the like of which has never been seen! They are:" Say: I seek refuge with the Lord of the dawn," and" Say: I seek refuge with the Lord of men

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।