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सहीह मुस्लिम

नंबर 1889

नंबर 1889किताब 6, नंबर 317अरबी नंबरिंग 812.02
وَحَدَّثَنَا وَاصِلُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، حَدَّثَنَا ابْنُ فُضَيْلٍ، عَنْ بَشِيرٍ أَبِي إِسْمَاعِيلَ، عَنْ أَبِي حَازِمٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ خَرَجَ إِلَيْنَا رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فَقَالَ ‏"‏ أَقْرَأُ عَلَيْكُمْ ثُلُثَ الْقُرْآنِ ‏"‏ ‏.‏ فَقَرَأَ ‏{‏ قُلْ هُوَ اللَّهُ أَحَدٌ * اللَّهُ الصَّمَدُ‏}‏ حَتَّى خَتَمَهَا ‏.‏
Abu Huraira reported:The Messenger of Allah (ﷺ) came out to us and said: I am going to recite before you one-third of the Qur'an. He (the Holy Prophet) then recited:" Say: He is Allah, One--Allah, the Eternal," to the end of the Surah

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।