सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 1865

नंबर 1865किताब 6, नंबर 293अरबी नंबरिंग 799.02
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، وَابْنُ، بَشَّارٍ قَالاَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، قَالَ سَمِعْتُ قَتَادَةَ، يُحَدِّثُ عَنْ أَنَسٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم لأُبَىِّ بْنِ كَعْبٍ ‏"‏ إِنَّ اللَّهَ أَمَرَنِي أَنْ أَقْرَأَ عَلَيْكَ ‏{‏ لَمْ يَكُنِ الَّذِينَ كَفَرُوا‏}‏ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ وَسَمَّانِي لَكَ قَالَ ‏"‏ نَعَمْ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ فَبَكَى ‏.‏
Anas reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying to Ubayy b. Ka`b:Allah has commanded me to recite to you:" Those who disbelieve were not..." (al-Qur'an, xcviii. 1). He said: Did He mention me by name? He (the Prophet said): Yes. Upon this he shed tears (of gratitude)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।