सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 1861

नंबर 1861किताब 6, नंबर 289अरबी नंबरिंग 797.02
وَحَدَّثَنَا هَدَّابُ بْنُ خَالِدٍ، حَدَّثَنَا هَمَّامٌ، ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، حَدَّثَنَا يَحْيَى، بْنُ سَعِيدٍ عَنْ شُعْبَةَ، كِلاَهُمَا عَنْ قَتَادَةَ، بِهَذَا الإِسْنَادِ ‏.‏ مِثْلَهُ غَيْرَ أَنَّ فِي حَدِيثِ هَمَّامٍ بَدَلَ الْمُنَافِقِ الْفَاجِرِ ‏.‏
This hadith has been narrated by Qatada with the same chain of transmitters but with one alteration that instead of the word:" hypocrite" (Munafiq), there it is" wicked" (fajir)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।