सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 1830

नंबर 1830किताब 6, नंबर 258अरबी नंबरिंग 783.02
وَحَدَّثَنَا ابْنُ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا أَبِي، حَدَّثَنَا سَعْدُ بْنُ سَعِيدٍ، أَخْبَرَنِي الْقَاسِمُ بْنُ مُحَمَّدٍ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ أَحَبُّ الأَعْمَالِ إِلَى اللَّهِ تَعَالَى أَدْوَمُهَا وَإِنْ قَلَّ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ وَكَانَتْ عَائِشَةُ إِذَا عَمِلَتِ الْعَمَلَ لَزِمَتْهُ ‏.‏
A'isha reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:The acts most pleasing to Allah are those which are done continuously, even if they are small. and when 'A'isha did any act she did it continuously

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।