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सहीह मुस्लिम

नंबर 1807

नंबर 1807किताब 6, नंबर 235अरबी नंबरिंग 768
وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ، عَنْ هِشَامٍ، عَنْ مُحَمَّدٍ، عَنْ أَبِي، هُرَيْرَةَ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏"‏ إِذَا قَامَ أَحَدُكُمْ مِنَ اللَّيْلِ فَلْيَفْتَتِحْ صَلاَتَهُ بِرَكْعَتَيْنِ خَفِيفَتَيْنِ
Abu Huraira reported Allah's Apostle (ﷺ) as saying When any one of you gets up at night, he should begin the prayer with two short rak'ahs

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।