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सहीह मुस्लिम

नंबर 1769

नंबर 1769किताब 6, नंबर 198अरबी नंबरिंग 756.02
وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَأَبُو كُرَيْبٍ قَالاَ حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ، حَدَّثَنَا الأَعْمَشُ، عَنْ أَبِي سُفْيَانَ، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ سُئِلَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم أَىُّ الصَّلاَةِ أَفْضَلُ قَالَ ‏ "‏ طُولُ الْقُنُوتِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ أَبُو بَكْرٍ حَدَّثَنَا أَبُو مُعَاوِيَةَ عَنِ الأَعْمَشِ ‏.‏
Jabir reported:The Messenger of Allah (ﷺ) was asked about the prayer which was most excellent. He said: That in which the standing is longer. (This hadith is narrated by another chain of transmitters too)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।