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सहीह मुस्लिम

नंबर 1752

नंबर 1752किताब 6, नंबर 181अरबी नंबरिंग 749.05
وَحَدَّثَنِي أَبُو كَامِلٍ، حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، حَدَّثَنَا أَيُّوبُ، وَبُدَيْلٌ، وَعِمْرَانُ بْنُ حُدَيْرٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ شَقِيقٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عُبَيْدٍ الْغُبَرِيُّ، حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، حَدَّثَنَا أَيُّوبُ، وَالزُّبَيْرُ بْنُ الْخِرِّيتِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ شَقِيقٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ سَأَلَ رَجُلٌ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم ‏.‏ فَذَكَرَا بِمِثْلِهِ وَلَيْسَ فِي حَدِيثِهِمَا ثُمَّ سَأَلَهُ رَجُلٌ عَلَى رَأْسِ الْحَوْلِ وَمَا بَعْدَهُ ‏.‏
This hadith his been narrated by Ibn 'Umar by another chain of trans- mitters but it does not have these words:" Then a person asked him at the end of the year," and what follows subsequently

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।