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सहीह मुस्लिम

नंबर 1741

नंबर 1741किताब 6, नंबर 170अरबी नंबरिंग 746.03
وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بِشْرٍ، حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ أَبِي عَرُوبَةَ، حَدَّثَنَا قَتَادَةُ، عَنْ زُرَارَةَ بْنِ أَوْفَى، عَنْ سَعْدِ بْنِ هِشَامٍ، أَنَّهُ قَالَ انْطَلَقْتُ إِلَى عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عَبَّاسٍ فَسَأَلْتُهُ عَنِ الْوِتْرِ ‏.‏ وَسَاقَ الْحَدِيثَ بِقِصَّتِهِ وَقَالَ فِيهِ قَالَتْ مَنْ هِشَامٌ قُلْتُ ابْنُ عَامِرٍ ‏.‏ قَالَتْ نِعْمَ الْمَرْءُ كَانَ عَامِرٌ أُصِيبَ يَوْمَ أُحُدٍ ‏.‏
Sa'd b. Hisham reported:I went to 'Abdullah b. 'Abbas and asked him about the Witr prayer, and the rest of the hadith is the same as recorded in this event. She (Hadrat 'A'isha) said: Who is that Hisham? I said: Son of 'Amir. She said: What a fine man 'Amir was! He died as a martyr in the Battle of Uhud

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।