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सहीह मुस्लिम

नंबर 1707

नंबर 1707किताब 6, नंबर 137अरबी नंबरिंग 731.04
وَحَدَّثَنَا ابْنُ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بِشْرٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عَمْرٍو، حَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، عَنْ عَلْقَمَةَ بْنِ وَقَّاصٍ، قَالَ قُلْتُ لِعَائِشَةَ كَيْفَ كَانَ يَصْنَعُ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم فِي الرَّكْعَتَيْنِ وَهُوَ جَالِسٌ قَالَتْ كَانَ يَقْرَأُ فِيهِمَا فَإِذَا أَرَادَ أَنْ يَرْكَعَ قَامَ فَرَكَعَ ‏.‏
Alqama b. Waqqas reported:I asked 'A'isha how the Messenger of Allah (ﷺ) did in the two rak'ahs as he (observed them) sitting. She said: He would recite (the Qur'an) in them, and when he intended to bow, he would stand up and then bowed

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।