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सहीह मुस्लिम

नंबर 1674

नंबर 1674किताब 6, नंबर 104अरबी नंबरिंग 721.03
وَحَدَّثَنِي سُلَيْمَانُ بْنُ مَعْبَدٍ، حَدَّثَنَا مُعَلَّى بْنُ أَسَدٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ بْنُ مُخْتَارٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ الدَّانَاجِ، قَالَ حَدَّثَنِي أَبُو رَافِعٍ الصَّائِغُ، قَالَ سَمِعْتُ أَبَا هُرَيْرَةَ، قَالَ أَوْصَانِي خَلِيلِي أَبُو الْقَاسِمِ صلى الله عليه وسلم بِثَلاَثٍ ‏.‏ فَذَكَرَ مِثْلَ حَدِيثِ أَبِي عُثْمَانَ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ ‏.‏
Abu Huraira reported:My friend Abu'l-Qasim (ﷺ) instructed me to do three things, and the rest of the hadith is the same

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।