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सहीह मुस्लिम

नंबर 1672

नंबर 1672किताब 6, नंबर 102अरबी नंबरिंग 721.01
حَدَّثَنَا شَيْبَانُ بْنُ فَرُّوخَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَارِثِ، حَدَّثَنَا أَبُو التَّيَّاحِ، حَدَّثَنِي أَبُو عُثْمَانَ النَّهْدِيُّ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ أَوْصَانِي خَلِيلِي صلى الله عليه وسلم بِثَلاَثٍ بِصِيَامِ ثَلاَثَةِ أَيَّامٍ مِنْ كُلِّ شَهْرٍ وَرَكْعَتَىِ الضُّحَى وَأَنْ أُوتِرَ قَبْلَ أَنْ أَرْقُدَ ‏.‏
Abu Huraira reported. My friend (the Holy Prophet, may peace be upon him) has instructed me to do three things:three fasts during every month, two rak'ahs of the forenoon prayer, and observing Witr prayer before going to bed

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।