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सहीह मुस्लिम

नंबर 1657

नंबर 1657किताब 6, नंबर 87अरबी नंबरिंग 715.02
حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُعَاذٍ، حَدَّثَنَا أَبِي، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، عَنْ مُحَارِبٍ، سَمِعَ جَابِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ، يَقُولُ اشْتَرَى مِنِّي رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بَعِيرًا فَلَمَّا قَدِمَ الْمَدِينَةَ أَمَرَنِي أَنْ آتِيَ الْمَسْجِدَ فَأُصَلِّيَ رَكْعَتَيْنِ ‏.‏
Jabir b. 'Abdullah reported:The Messenger of Allah (ﷺ) bought a camel from me. When he came back to Medina, he ordered me to come to the mosque and observed two rak'ahs of prayer

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।