सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 1647

नंबर 1647किताब 6, नंबर 78अरबी नंबरिंग 710.04
وَحَدَّثَنَا حَسَنٌ الْحُلْوَانِيُّ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ، أَخْبَرَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ، عَنْ أَيُّوبَ، عَنْ عَمْرِو بْنِ دِينَارٍ، عَنْ عَطَاءِ بْنِ يَسَارٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ‏.‏ بِمِثْلِهِ ‏.‏ قَالَ حَمَّادٌ ثُمَّ لَقِيتُ عَمْرًا فَحَدَّثَنِي بِهِ وَلَمْ يَرْفَعْهُ ‏.‏
This hadith has been narrated by Abu Huraira with another chain of transmitters. Hammad (one of the narrators) said:I then met 'Amr (the other narrator) and he narrated it to me, but it was not transmitted directly from the Messenger of Allah (ﷺ)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।