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सहीह मुस्लिम

नंबर 1635

नंबर 1635किताब 6, नंबर 66अरबी नंबरिंग 705.06
وَحَدَّثَنَا أَبُو الرَّبِيعِ الزَّهْرَانِيُّ، حَدَّثَنَا حَمَّادُ بْنُ زَيْدٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ دِينَارٍ، عَنْ جَابِرِ بْنِ زَيْدٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم صَلَّى بِالْمَدِينَةِ سَبْعًا وَثَمَانِيًا الظُّهْرَ وَالْعَصْرَ وَالْمَغْرِبَ وَالْعِشَاءَ ‏.‏
Ibn 'Abbas reported that the Messenger of Allah (ﷺ) observed in Medina seven (rak'ahs) and eight (rak'ahs), i. e. (be combined) the noon and afternoon prayers (eight rak'ahs) and the sunset and 'Isha' prayers (seven rak'ahs)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।