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सहीह मुस्लिम

नंबर 1608

नंबर 1608किताब 6, नंबर 39अरबी नंबरिंग 699.05
وَحَدَّثَنَاهُ عَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ عَامِرٍ، عَنْ شُعْبَةَ، ح وَحَدَّثَنَا عَبْدُ بْنُ حُمَيْدٍ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ الرَّزَّاقِ، أَخْبَرَنَا مَعْمَرٌ، كِلاَهُمَا عَنْ عَاصِمٍ الأَحْوَلِ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْحَارِثِ، أَنَّ ابْنَ عَبَّاسٍ، أَمَرَ مُؤَذِّنَهُ - فِي حَدِيثِ مَعْمَرٍ - فِي يَوْمِ جُمُعَةٍ فِي يَوْمٍ مَطِيرٍ ‏.‏ بِنَحْوِ حَدِيثِهِمْ وَذَكَرَ فِي حَدِيثِ مَعْمَرٍ فَعَلَهُ مَنْ هُوَ خَيْرٌ مِنِّي ‏.‏ يَعْنِي النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
Abdullah b. Harith reported that the Mu'adhdhin of Ibn 'Abba said Adhan on Friday (and then made the announcement to say prayer in houses) because it was a rainy day; as it has been narrated by Ma'mar and others, and in this hadith it was mentioned:He who did it, i. e. the Messenger of Allah (ﷺ), was better than I

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।