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सहीह मुस्लिम

नंबर 1599

नंबर 1599किताब 6, नंबर 30अरबी नंबरिंग 696.02
حَدَّثَنَا أَحْمَدُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ يُونُسَ، حَدَّثَنَا زُهَيْرٌ، حَدَّثَنَا أَبُو إِسْحَاقَ، حَدَّثَنِي حَارِثَةُ بْنُ وَهْبٍ الْخُزَاعِيُّ، قَالَ صَلَّيْتُ خَلْفَ رَسُولِ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم بِمِنًى وَالنَّاسُ أَكْثَرُ مَا كَانُوا فَصَلَّى رَكْعَتَيْنِ فِي حَجَّةِ الْوَدَاعِ ‏.‏ قَالَ مُسْلِمٌ حَارِثَةُ بْنُ وَهْبٍ الْخُزَاعِيُّ هُوَ أَخُو عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عُمَرَ بْنِ الْخَطَّابِ لأُمِّهِ ‏.‏
Wahb al-Khuza'i reported:I prayed behind the Messenger of Allah (ﷺ) at Mina, and there was the greatest number of people, and they prayed two rak'ahs on the occasion of the Farewell Pilgrimage. (Muslim said: Haritha b. Wahb al-Khuza'i is the brother of 'Ubaidullah b. 'Umar son of Khattab from the side of his mother)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।