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सहीह मुस्लिम

नंबर 1583

नंबर 1583किताब 6, नंबर 14अरबी नंबरिंग 691
وَحَدَّثَنَاهُ أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَمُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، كِلاَهُمَا عَنْ غُنْدَرٍ، - قَالَ أَبُو بَكْرٍ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، غُنْدَرٌ - عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ يَحْيَى بْنِ يَزِيدَ الْهُنَائِيِّ، قَالَ سَأَلْتُ أَنَسَ بْنَ مَالِكٍ عَنْ قَصْرِ الصَّلاَةِ، فَقَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم إِذَا خَرَجَ مَسِيرَةَ ثَلاَثَةِ أَمْيَالٍ أَوْ ثَلاَثَةِ فَرَاسِخَ - شُعْبَةُ الشَّاكُّ - صَلَّى رَكْعَتَيْنِ ‏.‏
Yahya b. Yazid al-Huna'i reported:I asked Anas b. Malik about shortening of prayer. He said: When the Messenger of' Allah (ﷺ) had covered a distance of three miles or three farsakh (Shu'ba, one of the narrators, had some doubt about it) he observed two rak'ahs

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।