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सहीह मुस्लिम

नंबर 1577

नंबर 1577किताब 6, नंबर 8अरबी नंबरिंग 688.01
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، وَابْنُ، بَشَّارٍ قَالاَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، قَالَ سَمِعْتُ قَتَادَةَ، يُحَدِّثُ عَنْ مُوسَى بْنِ سَلَمَةَ الْهُذَلِيِّ، قَالَ سَأَلْتُ ابْنَ عَبَّاسٍ كَيْفَ أُصَلِّي إِذَا كُنْتُ بِمَكَّةَ إِذَا لَمْ أُصَلِّ مَعَ الإِمَامِ ‏.‏ فَقَالَ رَكْعَتَيْنِ سُنَّةَ أَبِي الْقَاسِمِ صلى الله عليه وسلم ‏.‏
Musa b. Salama Hudhali said:I asked Ibn 'Abbas: How should I say prayer when I am in Mecca, and when I do not pray along with the Imam? He said: Two rak'ahs (of prayer) is the Sunnah of Abu'l-Qasim (ﷺ)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।