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सहीह मुस्लिम

नंबर 1571

नंबर 1571किताब 6, नंबर 2अरबी नंबरिंग 685.02
وَحَدَّثَنِي أَبُو الطَّاهِرِ، وَحَرْمَلَةُ بْنُ يَحْيَى، قَالاَ حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، عَنْ يُونُسَ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، قَالَ حَدَّثَنِي عُرْوَةُ بْنُ الزُّبَيْرِ، أَنَّ عَائِشَةَ، زَوْجَ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم قَالَتْ فَرَضَ اللَّهُ الصَّلاَةَ حِينَ فَرَضَهَا رَكْعَتَيْنِ ثُمَّ أَتَمَّهَا فِي الْحَضَرِ فَأُقِرَّتْ صَلاَةُ السَّفَرِ عَلَى الْفَرِيضَةِ الأُولَى ‏.‏
A'isha, the wife of the Messenger of Allah (ﷺ), said Allah prescribed the prayer as two rak'ahs, then it was completed (to four rak'ahs) at the place of residence, but was retained in the same position in journey as it was first made obligatory

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 6 · The Book of Prayer - Travellers

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।