सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 7434

नंबर 7434किताब 55, नंबर 18अरबी नंबरिंग 2966.02
وَحَدَّثَنَاهُ يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، أَخْبَرَنَا وَكِيعٌ، عَنْ إِسْمَاعِيلَ بْنِ أَبِي خَالِدٍ، بِهَذَا الإِسْنَادِ وَقَالَ حَتَّى إِنْ كَانَ أَحَدُنَا لَيَضَعُ كَمَا تَضَعُ الْعَنْزُ مَا يَخْلِطُهُ بِشَىْءٍ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of Isma'il b. Khalid with the same chain of transmitters and the words are:" One amongst us would relieve himself as the goats do without anything mixing with its excrement

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 55 · The Book of Zuhd and Softening of Hearts

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।