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सहीह मुस्लिम

नंबर 7428

नंबर 7428किताब 55, नंबर 12अरबी नंबरिंग 2963.01
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ يَحْيَى، وَقُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، قَالَ قُتَيْبَةُ حَدَّثَنَا وَقَالَ، يَحْيَى أَخْبَرَنَا الْمُغِيرَةُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ الْحِزَامِيُّ، عَنْ أَبِي الزِّنَادِ، عَنِ الأَعْرَجِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِذَا نَظَرَ أَحَدُكُمْ إِلَى مَنْ فُضِّلَ عَلَيْهِ فِي الْمَالِ وَالْخَلْقِ فَلْيَنْظُرْ إِلَى مَنْ هُوَ أَسْفَلَ مِنْهُ مِمَّنْ فُضِّلَ عَلَيْهِ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported that Allah's Messenger (ﷺ) said:When one of you looks at one who stands at a higher level than you in regard to wealth and physical structure he should also see one who stands at a lower level than you in regard to these things (in which he stands) at a higher level (as compared to him)

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 55 · The Book of Zuhd and Softening of Hearts

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।