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सहीह मुस्लिम

नंबर 7352

नंबर 7352किताब 54, नंबर 116अरबी नंबरिंग 2928.02
وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ، عَنِ الْجُرَيْرِيِّ، عَنْ أَبِي نَضْرَةَ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ، أَنَّ ابْنَ صَيَّادٍ، سَأَلَ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم عَنْ تُرْبَةِ الْجَنَّةِ فَقَالَ ‏ "‏ دَرْمَكَةٌ بَيْضَاءُ مِسْكٌ خَالِصٌ ‏"‏ ‏.‏
Abu Sa'id reported that Ibn Sayyad asked Allah's Messenger (ﷺ) about the earth of Paradise. Whereupon he said:It is like white shining pure musk

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 54 · The Book of Tribulations and Portents of the Last Hour

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।