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सहीह मुस्लिम

नंबर 7347

नंबर 7347किताब 54, नंबर 111अरबी नंबरिंग 2926
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ حَبِيبٍ، وَمُحَمَّدُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، قَالاَ حَدَّثَنَا مُعْتَمِرٌ، قَالَ سَمِعْتُ أَبِي قَالَ، حَدَّثَنَا أَبُو نَضْرَةَ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، قَالَ لَقِيَ نَبِيُّ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ابْنَ صَائِدٍ وَمَعَهُ أَبُو بَكْرٍ وَعُمَرُ وَابْنُ صَائِدٍ مَعَ الْغِلْمَانِ ‏.‏ فَذَكَرَ نَحْوَ حَدِيثِ الْجُرَيْرِيِّ ‏.‏
Jabir b 'Abdullah reported that Allah's Messenger (ﷺ) met Ibn Sa'id (Sayyad) and there were with him Abu Bakr and 'Umar and Ibn Sayyad was in the company of children. The rest of the hadith is the same

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 54 · The Book of Tribulations and Portents of the Last Hour

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।