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सहीह मुस्लिम

नंबर 7322

नंबर 7322किताब 54, नंबर 88अरबी नंबरिंग 2916.01
وَحَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ عَمْرِو بْنِ جَبَلَةَ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ جَعْفَرٍ، ح وَحَدَّثَنَا عُقْبَةُ بْنُ، مُكْرَمٍ الْعَمِّيُّ وَأَبُو بَكْرِ بْنُ نَافِعٍ قَالَ عُقْبَةُ حَدَّثَنَا وَقَالَ أَبُو بَكْرٍ، أَخْبَرَنَا غُنْدَرٌ، حَدَّثَنَا شُعْبَةُ، قَالَ سَمِعْتُ خَالِدًا، يُحَدِّثُ عَنْ سَعِيدِ بْنِ أَبِي الْحَسَنِ، عَنْ أُمِّهِ، عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ لِعَمَّارٍ ‏ "‏ تَقْتُلُكَ الْفِئَةُ الْبَاغِيَةُ ‏"‏ ‏.‏
This hadith has been transmitted on the authority of Umm Salama that Allah's Messenger (ﷺ) said to 'Ammar:A group of rebels would kill you

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 54 · The Book of Tribulations and Portents of the Last Hour

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।