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सहीह मुस्लिम

नंबर 7305

नंबर 7305किताब 54, नंबर 71अरबी नंबरिंग 2909.01
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَابْنُ أَبِي عُمَرَ، - وَاللَّفْظُ لأَبِي بَكْرٍ - قَالاَ حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ زِيَادِ بْنِ سَعْدٍ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ سَعِيدٍ، سَمِعَ أَبَا هُرَيْرَةَ، يَقُولُ عَنِ النَّبِيِّ صلى الله عليه وسلم ‏ "‏ يُخَرِّبُ الْكَعْبَةَ ذُو السُّوَيْقَتَيْنِ مِنَ الْحَبَشَةِ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:The Ka'ba would be destroyed by an Abyssinian having two small shanks

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 54 · The Book of Tribulations and Portents of the Last Hour

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।