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सहीह मुस्लिम

नंबर 7294

नंबर 7294किताब 54, नंबर 60अरबी नंबरिंग 2905.03
وَحَدَّثَنِي حَرْمَلَةُ بْنُ يَحْيَى، أَخْبَرَنَا ابْنُ وَهْبٍ، أَخْبَرَنِي يُونُسُ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ سَالِمِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، عَنْ أَبِيهِ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ وَهُوَ مُسْتَقْبِلُ الْمَشْرِقِ ‏ "‏ هَا إِنَّ الْفِتْنَةَ هَا هُنَا هَا إِنَّ الْفِتْنَةَ هَا هُنَا هَا إِنَّ الْفِتْنَةَ هَا هُنَا مِنْ حَيْثُ يَطْلُعُ قَرْنُ الشَّيْطَانِ ‏"‏ ‏.‏
Salim b. Abdullah reported on the authority of his father that Allah's Messenger (ﷺ), while turning his face towards the east, said:The turmoil would appear from this side; verily, the turmoil would appear from this side; verily, the turmoil would appear from this side - the side where appear the horns of Satan

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 54 · The Book of Tribulations and Portents of the Last Hour

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।