सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 7283

नंबर 7283किताब 54, नंबर 49अरबी नंबरिंग 2899.03
وَحَدَّثَنَا شَيْبَانُ بْنُ فَرُّوخَ، حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ، - يَعْنِي ابْنَ الْمُغِيرَةِ - حَدَّثَنَا حُمَيْدٌ، - يَعْنِي ابْنَ هِلاَلٍ - عَنْ أَبِي قَتَادَةَ، عَنْ أُسَيْرِ بْنِ جَابِرٍ، قَالَ كُنْتُ فِي بَيْتِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مَسْعُودٍ وَالْبَيْتُ مَلآنُ - قَالَ - فَهَاجَتْ رِيحٌ حَمْرَاءُ بِالْكُوفَةِ ‏.‏ فَذَكَرَ نَحْوَ حَدِيثِ ابْنِ عُلَيَّةَ ‏.‏
Jabir reported:I was in the house of 'Abdullah b. Mas'ud and the house was fully packed that a red storm blew in Kufah

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 54 · The Book of Tribulations and Portents of the Last Hour

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।