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सहीह मुस्लिम

नंबर 7269

नंबर 7269किताब 54, नंबर 35अरबी नंबरिंग 144.05
وَحَدَّثَنَاهُ أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَأَبُو سَعِيدٍ الأَشَجُّ قَالاَ حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، ح وَحَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا جَرِيرٌ، ح وَحَدَّثَنَا إِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ، أَخْبَرَنَا عِيسَى بْنُ يُونُسَ، ح وَحَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عُمَرَ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ عِيسَى، كُلُّهُمْ عَنِ الأَعْمَشِ، بِهَذَا الإِسْنَادِ ‏.‏ نَحْوَ حَدِيثِ أَبِي مُعَاوِيَةَ وَفِي حَدِيثِ عِيسَى عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ شَقِيقٍ، قَالَ سَمِعْتُ حُذَيْفَةَ، يَقُولُ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of Hudhaifa through other chains of transmitters also

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 54 · The Book of Tribulations and Portents of the Last Hour

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।