सीधे कंटेंट पर जाएँ
सहीह मुस्लिम

नंबर 7220

नंबर 7220किताब 53, नंबर 89अरबी नंबरिंग 2871.02
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَمُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، وَأَبُو بَكْرِ بْنُ نَافِعٍ قَالُوا حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ، - يَعْنُونَ ابْنَ مَهْدِيٍّ - عَنْ سُفْيَانَ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ خَيْثَمَةَ، عَنِ الْبَرَاءِ بْنِ عَازِبٍ، ‏{‏ يُثَبِّتُ اللَّهُ الَّذِينَ آمَنُوا بِالْقَوْلِ الثَّابِتِ فِي الْحَيَاةِ الدُّنْيَا وَفِي الآخِرَةِ‏}‏ قَالَ نَزَلَتْ فِي عَذَابِ الْقَبْرِ ‏.‏
Al-Bara' b. 'Azib reported that this verse:"Allah keeps those who believe steadfast with firm word in this world and the Hereafter" was revealed in connection with the torment of the grave

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 53 · The Book of Paradise, its Description, its Bounties and its Inhabitants

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।