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सहीह मुस्लिम

नंबर 7218

नंबर 7218किताब 53, नंबर 87अरबी नंबरिंग 2870.03
حَدَّثَنِي عَمْرُو بْنُ زُرَارَةَ، أَخْبَرَنَا عَبْدُ الْوَهَّابِ، - يَعْنِي ابْنَ عَطَاءٍ - عَنْ سَعِيدٍ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، أَنَّ نَبِيَّ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏ "‏ إِنَّ الْعَبْدَ إِذَا وُضِعَ فِي قَبْرِهِ وَتَوَلَّى عَنْهُ أَصْحَابُهُ ‏"‏ ‏.‏ فَذَكَرَ بِمِثْلِ حَدِيثِ شَيْبَانَ عَنْ قَتَادَةَ ‏.‏
Anas b. Malik reported that Allah's Apostle (ﷺ) said:When the servant is placed in his grave and his friends retrace their steps. The rest of the hadith is the same as transmitted by Qatada

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 53 · The Book of Paradise, its Description, its Bounties and its Inhabitants

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।