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सहीह मुस्लिम

नंबर 7123

नंबर 7123किताब 52, नंबर 76अरबी नंबरिंग 2818.02
وَحَدَّثَنَاهُ حَسَنٌ الْحُلْوَانِيُّ، حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ بْنِ سَعْدٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْعَزِيزِ، بْنُ الْمُطَّلِبِ عَنْ مُوسَى بْنِ عُقْبَةَ، بِهَذَا الإِسْنَادِ وَلَمْ يَذْكُرْ ‏ "‏ وَأَبْشِرُوا ‏"‏ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of Musa b. `Uqba with the same chain of transmitters and he did not make a mention of:"Be happy

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 52 · Characteristics of the Day of Judgment, Paradise, and Hell

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।