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सहीह मुस्लिम

नंबर 7116

नंबर 7116किताब 52, नंबर 69अरबी नंबरिंग 2816.06
وَحَدَّثَنِي مُحَمَّدُ بْنُ حَاتِمٍ، حَدَّثَنَا أَبُو عَبَّادٍ، يَحْيَى بْنُ عَبَّادٍ حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ سَعْدٍ، حَدَّثَنَا ابْنُ شِهَابٍ، عَنْ أَبِي عُبَيْدٍ، مَوْلَى عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ عَوْفٍ عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ صلى الله عليه وسلم ‏"‏ لَنْ يُدْخِلَ أَحَدًا مِنْكُمْ عَمَلُهُ الْجَنَّةَ ‏"‏ ‏.‏ قَالُوا وَلاَ أَنْتَ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ ‏"‏ وَلاَ أَنَا إِلاَّ أَنْ يَتَغَمَّدَنِيَ اللَّهُ مِنْهُ بِفَضْلٍ وَرَحْمَةٍ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:None amongst you can get. into Paradise by virtue of his deeds alone. They said: Allah's Messenger, not even you? Thereupon he said: Not even I, but that Allah should wrap me in His Grace and Mercy

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 52 · Characteristics of the Day of Judgment, Paradise, and Hell

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।