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सहीह मुस्लिम

नंबर 7113

नंबर 7113किताब 52, नंबर 66अरबी नंबरिंग 2816.03
حَدَّثَنَا قُتَيْبَةُ بْنُ سَعِيدٍ، حَدَّثَنَا حَمَّادٌ، - يَعْنِي ابْنَ زَيْدٍ - عَنْ أَيُّوبَ، عَنْ مُحَمَّدٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، أَنَّ النَّبِيَّ صلى الله عليه وسلم قَالَ ‏"‏ مَا مِنْ أَحَدٍ يُدْخِلُهُ عَمَلُهُ الْجَنَّةَ ‏"‏ ‏.‏ فَقِيلَ وَلاَ أَنْتَ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ ‏"‏ وَلاَ أَنَا إِلاَّ أَنْ يَتَغَمَّدَنِي رَبِّي بِرَحْمَةٍ ‏"‏ ‏.‏
Abu Huraira reported Allah's Messenger (ﷺ) as saying:There is none whose deeds alone would entitle him to get into Paradise. It was said to him: And, Allah's Messenger, not even you? Thereupon he said: Not even I, but that my Lord wraps me in Mercy

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 52 · Characteristics of the Day of Judgment, Paradise, and Hell

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।