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सहीह मुस्लिम

नंबर 7109

नंबर 7109किताब 52, नंबर 63अरबी नंबरिंग 2814.02
حَدَّثَنَا ابْنُ الْمُثَنَّى، وَابْنُ، بَشَّارٍ قَالاَ حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ، - يَعْنِيَانِ ابْنَ مَهْدِيٍّ - عَنْ سُفْيَانَ، ح وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ آدَمَ، عَنْ عَمَّارِ بْنِ رُزَيْقٍ، كِلاَهُمَا عَنْ مَنْصُورٍ، بِإِسْنَادِ جَرِيرٍ ‏.‏ مِثْلَ حَدِيثِهِ غَيْرَ أَنَّ فِي حَدِيثِ سُفْيَانَ ‏ "‏ وَقَدْ وُكِّلَ بِهِ قَرِينُهُ مِنَ الْجِنِّ وَقَرِينُهُ مِنَ الْمَلاَئِكَةِ ‏"‏ ‏.‏
This hadith has been narrated on the authority of Mansiir with the same chain of transmitters but with a slight variation of wording

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 52 · Characteristics of the Day of Judgment, Paradise, and Hell

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।